ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 11 सितंबर से बारिश का अलर्ट; बिलासपुर में सामान्य से अधिक बारि... फ्लाइट बंद होने के बीच राहत की खबर, बिलासपुर से Fly91 भर सकती है उड़ान भिलाई में भीषण सड़क हादसा, पेड़ से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो; दो युवकों की मौत लखनऊ में पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति का पहला स्थापना दिवस, 17 राज्यों के पत्रकारों ने दिखाया एकजुटता ... CG News:- लूट के माल के बंटवारे पर गैंग में घमासान! मारपीट ने खोला पूरा राज, रीवा से आई पिस्टल से लू... छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव
रायपुर

बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को खून से लिखा पत्र, न्याय की गुहार और चेतावनी दी

रायपुर: प्रदेशभर के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड प्रशिक्षित शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। 97 दिनों से लगातार शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे बर्खास्त सहायक शिक्षकों ने आज मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को अपने खून से हस्तलिखित निवेदन पत्र भेजा और न्याय की गुहार लगाई है।

इन शिक्षकों ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि वे केवल न्याय की मांग कर रहे हैं और सरकार के पास संवैधानिक रूप से इन्हें समायोजित करने का पूरा अधिकार है। इस ऐतिहासिक विरोध कार्यक्रम में हजारों शिक्षकों ने एक साथ धरने पर बैठकर सरकार से समायोजन, सेवा सुरक्षा और उनके अधिकारों की मांग की है।

बर्खास्त शिक्षकों का कहना है कि जब उन्होंने परीक्षा दी, पास की और अच्छे अंक लाए, तब उन्हें नौकरी मिली। अब जब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है, तो उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी थी, तो वे दोषी कैसे हो सकते हैं?

नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने सरकार से अपील की कि उनकी समायोजन की प्रक्रिया जल्दी शुरू की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने यह चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो उनका आंदोलन और उग्र हो सकता है।

इन बर्खास्त शिक्षकों ने कहा कि 15 महीनों तक उन्होंने निष्ठा से काम किया और चुनाव ड्यूटी भी निभाई, लेकिन अब नौकरी से बाहर होने के बाद वे मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि क्या उनका परीक्षा देना और अच्छे अंक लाना उनकी गलती थी?

शिक्षकों ने सरकार से अंतिम अपील करते हुए कहा कि जब तक उन्हें समायोजित नहीं किया जाता और उनकी नौकरी बहाल नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button